अंतर्राष्ट्रीय बधिर सप्ताह के अंतर्गत महाविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार विषय पर कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, जबलपुर तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अल्केश चतुर्वेदी, प्रो. अरुण शुक्ल सर एवं प्रो. राजीव मिश्रा सर उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में प्रो. अल्केश चतुर्वेदी ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं अवसर प्राप्त होने पर वे शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकते हैं।
प्रो. अरुण शुक्ल सर ने विद्यार्थियों को कौशल विकास के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान समय में रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
प्रो. राजीव मिश्रा सर ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं का विकास करना चाहिए तथा प्रशिक्षण के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. जयराम सिंह एवं डॉ. पुष्पा तनेजा सहित राजेश कुमार, राजीव गिरी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. महेंद्र कुमार कुशवाहा ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रम दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।